2 Lines Judai Shayari – तेरी जुदाई का शिकवा करूँ भी तो किससे करूँ

तेरी जुदाई का शिकवा करूँ भी तो किससे करूँ।
यहाँ तो हर कोई अब भी मुझे तेरा समझता हैं।

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