DilSeDilKiTalk

Baatein Dil Ki Always Rock




Ahmed Faraz Ghazal – वो जो आ जाते थे आँखों में सितारे लेकर

वो जो आ जाते थे आँखों में सितारे लेकर
जाने किस देस गए ख़्वाब हमारे लेकर

छाओं में बैठने वाले ही तो सबसे पहले
पेड़ गिरता है तो आ जाते हैं आरे लेकर

वो जो आसूदा-ए-साहिल हैं इन्हें क्या मालूम
अब के मौज आई तो पलटेगी किनारे लेकर

ऐसा लगता है के हर मौसम-ए-हिज्राँ में बहार
होंठ रख देती है शाख़ों पे तुम्हारे लेकर

शहर वालों को कहाँ याद है वो ख़्वाब फ़रोश
फिरता रहता था जो गलियों में गुब्बारे लेकर

नक़्द-ए-जान सर्फ़ हुआ क़ुल्फ़त-ए-हस्ती में ‘फ़राज़’
अब जो ज़िन्दा हैं तो कुछ सांस उधारे लेकर


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

DilSeDilKiTalk © 2015