Barsaat Shayari In 2 Lines – रोक कर बैठे हैं कई समंदर आँखों में

रोक कर बैठे हैं कई समंदर आँखों में
दगाबाज़ हो सावन तो क्या…
हम खुद ही बरस लेंगे…

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