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Category: Sahir Ludhianvi Ghazal Lyrics

Sahir Ludhianvi Filmi Songs – Zindagi Bhar Nahi Bhoolegi Veh Barsaat Ki Raat

ज़िन्दगी-भर नहीं भूलेगी वह बरसात की रात

एक अन्जान हसीना से मुलाक़ात की रात

हाय ! वह रेशमी जुल्फ़ों से बरसता पानी

फूल-से गालों पे रुकने को तरसता पानी

दिल में तूफ़ान उठाए हुए जज़्बात की रात

ज़िन्दगी-भर नहीं भूलेगी वह बरसात की रात

डर के बिजली से अचानक वह लिपटना उसका

और फिर शर्म से बल खाके सिमटना उसका

कभी देखी न सुनी ऎसी तिलिस्मात की रात

ज़िन्दगी-भर नहीं भूलेगी बरसात की रात

सुर्ख़ आँचल को दबा कर जो निचोड़ा उसने

दिल पर जलता हुआ एक तीर-सा छोड़ा उसने

आग पानी में लगाते हुए हालात की रात

ज़िन्दगी-भर नहीं भूलेगी वह बरसात की रात

मेरे नग़मों में जो बसती है वो तस्वीर थी वो

नौजवानी के हसीं ख़्वाब की ताबीर थी वो

आसमानों से उतर आई थी जो रात की रात

ज़िन्दगी-भर नहीं भूलेगी वह बरसात की रात

Sahir Ludhianvi Filmi Songs – Dekha Hai Zindagi Ko Kuchh Itna Kareeb Se

देखा है ज़िन्दगी को कुछ इतना क़रीब से ।

चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से ।।

कहने को दिल की बात जिन्हें ढूंढ़ते थे हम,

महफ़िल में आ गए हैं वो अपने नसीब से ।

नीलाम हो रहा था किसी नाज़नीं का प्यार,

क़ीमत नहीं चुकाई गई एक ग़रीब से ।

तेरी वफ़ा की लाश पर ला मैं ही डाल दूँ,

रेशम का यह कफ़न जो मिला है रक़ीब से ।

Sahir Ludhianvi Filmi Songs – Jane Vo Kaise Log The Jinke Pyar Ko Pyar Mila

जाने वो कैसे लोग थे, जिनके प्यार को प्यार मिला ?

हमने तो जब कलियाँ मांगीं, काँटों का हार मिला ॥

खुशियों की मंज़िल ढूंढी तो ग़म की गर्द मिली

चाहत के नग़में चाहे तो आहें सर्द मिलीं

दिल के बोझ को दूना कर गया, जो ग़म्ख़्वार मिला

बिछड़ गया हर साथी दे कर, पल-दो-पल का साथ

किसको फ़ुरसत है जो थामे, दीवानों का हाथ

हम को अपना साया तक अक्सर बेज़ार मिला

इसको ही जीना कहते हैं तो यूँ ही जी लेंगे

उफ़ न करेंगे, लब सीलेंगे, आँसू पी लेंगे

ग़म से अब घबराना कैसा, ग़म सौ बार मिला

जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला ?


Sahir Ludhianvi Filmi Songs – Vo Subah Kabhi To Aayegi


वो सुबह कभी तो आएगी

इन काली सदियों के सर से जब रात का आंचल ढलकेगा
जब दुख के बादल पिघलेंगे जब सुख का सागर झलकेगा
जब अम्बर झूम के नाचेगा जब धरती नगमे गाएगी

वो सुबह कभी तो आएगी

जिस सुबह की ख़ातिर जुग जुग से हम सब मर मर के जीते हैं
जिस सुबह के अमृत की धुन में हम ज़हर के प्याले पीते हैं
इन भूखी प्यासी रूहों पर इक दिन तो करम फ़रमाएगी

वो सुबह कभी तो आएगी

माना कि अभी तेरे मेरे अरमानों की क़ीमत कुछ भी नहीं
मिट्टी का भी है कुछ मोल मगर इन्सानों की क़ीमत कुछ भी नहीं
इन्सानों की इज्जत जब झूठे सिक्कों में न तोली जाएगी

वो सुबह कभी तो आएगी

दौलत के लिए जब औरत की इस्मत को ना बेचा जाएगा
चाहत को ना कुचला जाएगा, इज्जत को न बेचा जाएगा
अपनी काली करतूतों पर जब ये दुनिया शर्माएगी

वो सुबह कभी तो आएगी

बीतेंगे कभी तो दिन आख़िर ये भूख के और बेकारी के
टूटेंगे कभी तो बुत आख़िर दौलत की इजारादारी के
जब एक अनोखी दुनिया की बुनियाद उठाई जाएगी

वो सुबह कभी तो आएगी

मजबूर बुढ़ापा जब सूनी राहों की धूल न फांकेगा
मासूम लड़कपन जब गंदी गलियों में भीख न मांगेगा
हक़ मांगने वालों को जिस दिन सूली न दिखाई जाएगी

वो सुबह कभी तो आएगी

फ़आक़ों की चिताओ पर जिस दिन इन्सां न जलाए जाएंगे
सीने के दहकते दोज़ख में अरमां न जलाए जाएंगे
ये नरक से भी गंदी दुनिया, जब स्वर्ग बनाई जाएगी

वो सुबह कभी तो आएगी

जिस सुबह की ख़ातिर जुग जुग से हम सब मर मर के जीते हैं
जिस सुबह के अमृत की धुन में हम ज़हर के प्याले पीते हैं
वो सुबह न आए आज मगर, वो सुबह कभी तो आएगी

वो सुबह कभी तो आएगी

Sahir Ludhianvi Filmi Songs – Milti Hai Zindagi Mein Mohabbat Kabhi Kabhi

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी-कभी
होती है दिल्बरों की इनायत कभी-कभी

शर्मा के मुँह न फेर नज़र के सवाल पर
लाती है ऐसे मोड़ पर क़िस्मत कभी-कभी

खुलते नहीं हैं रोज़ दरिचे बहार के
आती है जान-ए-मन ये क़यामत कभी-कभी

तनहा न कट सकेंगे जवानी के रास्ते
पेश आएगी किसीकी ज़रूरत कभी-कभी

फिर खो न जाएँ हम कहीं दुनिया की भीड़ में
मिलती है पास आने की मुहलत कभी-कभी

होती है दिलबरों की इनायत कभी-कभी
मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी

Sahir Ludhianvi Filmi Songs – Tera Khyal Dil Se Mitaya Nahi Abhi

तेरा ख़याल दिल से मिटाया नहीं अभी
बेदर्द मैं ने तुझ को भुलाया नहीं अभी

कल तूने मुस्कुरा के जलाया था ख़ुद जिसे
सीने का वो चराग़ बुझाया नहीं अभी

गदर्न को आज भी तेरे बाहों की याद है
चौखट से तेरी सर को उठाया नहीं अभी

बेहोश होके जल्द तुझे होश आ गया
मैं बदनसीब होश में आया नहीं अभी


Sahir Ludhianvi Filmi Songs – Matlab Nikal Gaya Hai To Pehchante Nahi


मतलब निकल गया है तो, पहचानते नहीं
यूँ जा रहे हैं जैसे हमें, जानते नहीं

अपनी गरज़ थी जब तो लिपटना क़बूल था
बाहों के दायरे में सिमटना क़बूल था
अब हम मना रहे हैं मगर मानते नहीं

हमने तुम्हें पसंद किया, क्या बुरा किया
रुतबा ही कुछ बलन्द किया क्या बुरा किया
हर इक गली की ख़ाक तो हम छानते नहीं

मुँह फेर कर न जाओ हमारे क़रीब से
मिलता है कोई चाहने वाला नसीब से
इस तरह आशिक़ों पे कमाँ तानते नहीं

Sahir Ludhianvi Filmi Songs – Dil Jo Na Keh Saka

दिल जो ना कह सका
वोही राज़-ए-दिल कहने की रात आई
दिल जो ना कह सका

तौबा ये किस ने अंजुमन सजा के
टुकड़े किये हैं गुंच-ए-वफ़ा के
टुकड़े किये हैं गुंच-ए-वफ़ा के
उछालो गुलों के टुकड़े
के रंगीं फ़िज़ाओं में रहने की रात आई
दिल जो ना कह सका

चलिये मुबारक ये जश्न दोस्ती का
दामन तो थामा आप ने किसी का
दामन तो थामा आप ने किसी का
हमें तो खुशी यही है
तुम्हें भी किसी को अपना कहने की रात आई
दिल जो ना कह सका

सागर उठाओ दिल का किस को ग़म है
आज दिल की क़ीमत जाम से भी कम है
पियो चाहे खून-ए-दिल हो
के पीते पिलाते ही रहने की रात आई
दिल जो ना कह सका

Sahir Ludhianvi Filmi Songs – Chalo Ek Bar Phir Se Ajnabi Ban Jaye Hum Dono

चलो इक बार फिर से अज़नबी बन जाएँ हम दोनों

न मैं तुमसे कोई उम्मीद रखो दिलनवाज़ी की

न तुम मेरी तरफ देखो गलत अंदाज़ नज़रों से

न मेरे दिल की धड़कन लडखडाये मेरी बातों से

न ज़ाहिर हो हमारी कशमकश का राज़ नज़रों से

तुम्हे भी कोई उलझन रोकती है पेशकदमी से

मुझे भी लोग कहते हैं की ये जलवे पराये हैं

मेरे हमराह भी रुसवाइयां हैं मेरे माजी की

तुम्हारे साथ में गुजारी हुई रातों के साये हैं

तआरुफ़ रोग बन जाए तो उसको भूलना बेहतर

तआलुक बोझ बन जाए तो उसको तोड़ना अच्छा

वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन

उसे इक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ना अच्छा

चलो इक बार फिर से अज़नबी बन जाएँ हम दोनों

Sahir Ludhianvi Filmi Songs – Tujhko Pukare Mera Pyar

आऽऽ जाऽऽ आऽऽ जाऽऽ आऽऽ जाऽऽ
तुझको पुकारे मेरा प्यार

आजा, मैं तो मिटा हूँ तेरी चाह में
तुझको पुकारे मेरा प्यार

दोनो जहाँ की भेंट चढ़ा दी मैने राह में तेरी
अपने बदन की खाक़ मिला दी मैने आह में तेरी
अब तो चली आ इस पार
आजा मैं तो मिटा हूँ …

इतने युगों से इतने दुखों को कोई सह ना सकेगा
मेरी क़सम मुझे तू है किसीकी कोई कह ना सकेगा
मुझसे है तेरा इक़रार
आजा, मैं तो मिटा हूँ …

आखिरी पल है आखिरी आहें तुझे ढूँढ रही हैं
डूबती साँसें बुझती निगाहें तुझे ढूँढ रही हैं
सामने आजा एक बार
आजा, मैं तो मिटा हूँ …

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