Category: Mother Shayari

Mother Shayari In Hindi – यूंही नहीं गूंजती किल्कारीयां घर

यूंही नहीं गूंजती किल्कारीयां, घर आँगन के हर कोने मे,
दोस्तों
जान हथेली पर रखनी पड़ती है “माँ” को “माँ” होने मे..


Mother Shayari In Hindi – किसी को घर मिला हिस्से


किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आई
मैं घर में सब से छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई

Mother Shayari In Hindi – न अपनों से खुलता है

न अपनों से खुलता है,
न ही गैरों से खुलता है.
ये जन्नत का दरवाज़ा है,
मेरी माँ के पैरो से खुलता है.!


Mother Shayari In Hindi – मैंने रोते हुए पोंछे थे


मैंने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आँसू
मुद्दतों माँ ने नहीं धोया दुपट्टा अपना