Dard Bhari Hindi Shayari – रेल में खिड़की के पास बैठ के हर दफ़ा

रेल में खिड़की के पास बैठ के हर दफ़ा महसूस हुआ है,
जो जितना ज्यादा क़रीब है वो तेजी से दूर जा रहा हे।

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