Dosti Shayari – घड़ी की सुईयों जैसा रिश्ता है हमारा दोस्तों

घड़ी की सुईयों जैसा रिश्ता है, हमारा दोस्तों
कभी मिलते है.. कभी नहीं.. पर हाँ, जुड़े रहते हॆ।

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