Hindi Shayari – नज़ाकत तुम में है

नज़ाकत तुम में है…*
इबादत तुम में है…

शरारत तुम में है…
कशिश भी तुम में है…

मुझ में भी मैं कहाँ बचा अब…
*मेरा जो कुछ भी है, सब तुम में है।

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