Hindi Shayari In Four Lines – मुझे ग़म भी उन का अज़ीज है

मुझे ग़म भी उन का अज़ीज है,
के उन ही की दी हुई चीज़ है…
यही गम है अब मेरी जिंदगी,
इसे कैसे दिल से जुदा करू …

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