Izhaar Shayari In Hindi – कसूर तो था इन निगाहों

कसूर तो था इन निगाहों का,
जो चुपके से उनका दीदार कर बैठी।
हमने तो खामोश रहने की ठानी थी,
पर बेवफा जुबान इज़हार कर बैठी।।

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