Jazbaat Shayari In Hindi – ज़रूरी थी फिरभी बात नहीं

ज़रूरी थी फिर भी बात नहीं समझा,
अफसोस ये कि हालात नहीं समझा,
कलेजा निकाल कर कहते रहे मोहब्बत है,
मगर पत्थर दिल ने मेरे जज़्बात नहीं समझा..

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