Khamoshi Shayari – तू मुझ में पहले भी थी

तू मुझ में पहले भी थी,
तू मुझ में अब भी है…
पहले मेरे लफ़्जों में थी,
अब मेरी खामोशियों में है..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *