Mulakaat Shayari – अनजान थे हम एक दुसरे से

अनजान थे हम एक दुसरे से,
तब तक फिक्र ना कोई थी…

बस एक रोज की मुलाकात ने,
एक दूजे का जरूरतमंद बना दिया |।।

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