Prerak Sher O Shayari – डूबे हुओं को हमने बिठाया था और फिर

डूबे हुओं को हमने बिठाया था और फिर
कश्ती का बोझ कहकर उतारा हमें गया !!!”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *