Sharaab Shayari – कदम रखना सम्हल कर महफिले-रिंदा में ए जाहिद

कदम रखना सम्हल कर महफिले-रिंदा में ए जाहिद,
यहां पगडी उछलती है, इसे मयखाना कहते है..

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