Aankh Shayari – हमने भी जिन्दगी के आगे कभी हाथ न फैलाए थे


हमने भी जिन्दगी के आगे कभी हाथ न फैलाए थे;
वो तो ये आँखें ही खुदगर्ज निकल गईं,
जो रोज नए ख्वाब देख हमें नीचा दिखाती रहीं…!!

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