Aankh Shayari – लाख बंद करें मैखाने ज़माने वाले


लाख बंद करें मैखाने ज़माने वाले…….
दुनिया में कम नहीं हैं आंखों से पिलाने वाले….!!

Aankh Shayari – तमाम शराबें पी ली थी इस जाहाँ की मगर

तमाम शराबें पी ली थी इस जाहाँ की मगर,
उसकी आँखों में झाँका तो जाना आखिर नशा भी क्या चीज़ हे ।

Aankh Shayari – हमने भी जिन्दगी के आगे कभी हाथ न फैलाए थे

हमने भी जिन्दगी के आगे कभी हाथ न फैलाए थे;
वो तो ये आँखें ही खुदगर्ज निकल गईं,
जो रोज नए ख्वाब देख हमें नीचा दिखाती रहीं…!!