Mother Shayari In Hindi – कुछ इसलिये भी ख्वाइशो को


कुछ इसलिये भी ख्वाइशो को मार देता हूँ,
माँ कहती है घर की जिम्मेदारी है तुझ पर

Mother Shayari In Hindi – यूंही नहीं गूंजती किल्कारीयां घर

यूंही नहीं गूंजती किल्कारीयां, घर आँगन के हर कोने मे,
दोस्तों
जान हथेली पर रखनी पड़ती है “माँ” को “माँ” होने मे..

Mother Shayari In Hindi – न अपनों से खुलता है

न अपनों से खुलता है,
न ही गैरों से खुलता है.
ये जन्नत का दरवाज़ा है,
मेरी माँ के पैरो से खुलता है.!

Mother Shayari – शर्त लगी थी जब पूरी दुनिया को एक ही शब्द में


शर्त लगी थी जब पूरी दुनिया को एक ही शब्द में लिखने की,
तो वो पुरी किताबें ढुंढ रहे थे ओर मेंने
“मां” लिख दिया…

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