Mulakaat Shayari In Hindi – मुन्हसिर वक़्त-ए-मुक़र्रर पे मुलाक़ात हुई


मुन्हसिर वक़्त-ए-मुक़र्रर पे मुलाक़ात हुई
आज ये आप की जानिब से नई बात हुई

Mulakaat Shayari In Hindi – कल रात आइनों का जश्न

कल रात आइनों का जश्न था
अंधे तमाशबीनों के हाथ में पत्थर नहीं मिले
मैं चाहता था खुद से हो मुलाक़ात
मेरे कद के बराबर आईने न मिले

Mulakaat Shayari In Hindi – कौन कहता है मुलाक़ात मेरी

कौन कहता है मुलाक़ात मेरी आज की है…
तू मेरी रूह के अंदर है कई सदियों से..

Mulakaat Shayari In Hindi – हर मुलाक़ात पर वक़्त का


हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ ;
हर याद पे दिल का दर्द ताज़ा हुआ .!

1 2