Hindi Shayari In Four Lines – न किसी के दिल की हूँ आरजू


न किसी के दिल की हूँ आरजू….
न किसी नज़र की हूँ जुस्तजू….
मैं वो फूल हूँ जो उदास हो…
ना बहार आए तो क्या करू …

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