Sad Sher O Shayari In Hindi – बेचैनी जब भी बढ़ती है धुंए में उड़ा देता हूँ


बेचैनी जब भी बढ़ती है धुंए में उड़ा देता हूँ ,
और लोग कहते हैं मैं सिगरेट बहुत पीता हूँ !

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