Hindi Shayari – मेरी “मुहब्बत” है वो.. कोई मजबूरी तो नही


मेरी “मुहब्बत” है वो.. कोई मजबूरी तो नही.. 
वो मुझे चाहे.. या मिल जाये.. जरूरी तो नही.. 
ये कुछ कम है कि वो बसा है मेरी “सांसो” मे.. 
वो सामने हो मेरी आंखो के.. जरूरी तो नही!