Yaad Shayari – मै रात भर सोचता मगर फैंसला न कर सका


मै रात भर सोचता मगर फैंसला न कर सका,
तू याद आ रही है या मैं याद कर रहा हूँ.

Yaad Shayari – खर्च जितना भी करुं बढ़ती जाती है

खर्च जितना भी करुं बढ़ती जाती है
ये यादे तेरी अजीब दौलत है…

Yaad Shayari – मुझे मालूम है ऐसा कभी मुमकिन ही नहीं

मुझे मालूम है ऐसा कभी मुमकिन ही नहीं,
फ़िर भी हसरत रहती है कि तुम याद करोगे…

Yaad Shayari – कुछ मीठी सी ठंडक है आज इन हवाओं में


कुछ मीठी सी ठंडक है आज इन हवाओं में…!
शायद… तेरी यादों से भरा दराज़…. खुला रह गया है…!!

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