Sharaab Shayari – नही थे पैसे एक दिन पीने के लिये तो यूँ किया


नही थे पैसे एक दिन पीने के लिये तो यूँ किया….
डूबोई उनकी तस्वीर पानी मे और घूँट घूँट पी लिया…!

Sharaab Shayari – एक पल में ले गयी मेरे सारे गम खरीद कर

एक पल में ले गयी मेरे सारे गम खरीद कर…
कितनी अमीर होती है ये बोतल शराब की..

Sharaab Shayari – कभी देखेंगे ए-जाम तुझे होठों से लगाकर

कभी देखेंगे ए-जाम तुझे होठों से लगाकर,
कि मुझमे तू उतरता है कि तुझमे मैं उतरता हूँ…

Sharaab Shayari – कदम रखना सम्हल कर महफिले-रिंदा में ए जाहिद


कदम रखना सम्हल कर महफिले-रिंदा में ए जाहिद,
यहां पगडी उछलती है, इसे मयखाना कहते है..

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